कई बार खुलम खुला बने
ऐसे रिश्तों में भी
या सामाजिक
और
कहीं के भी समाज के
रीती रिवाज़ के अनुसार
सबकुछ होने के बावज़ूद भी
बड़े अजीबोग़रीब ताने-बाने देखे हैं?
और
अजीबोगरीब झगड़े और विवाद भी?
और कोर्ट भी
एक वक़्त के बाद पीछे हट जाते हैं?
क्यों?
कुछ ऐसे से Experiment शायद?
जैसे?
कहीं Black Boxes के?
और
कहीं अजीबोग़रीब संदूकों के?
कहीं
स्मोक स्क्रीन से
आगे बने या बनाए गए?
थोड़े बड़े से हादसे?
महज़ Experiment?
या सिर्फ़ सामान्तर घड़ाईयाँ जैसे?
वो खिड़की से बैडरूम
या बाथरुम के केस बनाने में?
या उन्हीं की भाषा में बोलें तो
कप को कच्चा बनाने में ?
वक़्त लगाएँगे क्या?
और
जहाँ कहीं
ऐसी ऐसी
और कैसी कैसी
सामान्तर घड़ाईयाँ
गढ़ी गई होंगी
या गढ़ी जा रही होंगी?
उन्हें पता तक होगा क्या?
ऐसी ऐसी घढ़ाईयोँ को
वक़्त रहते
रोका भी जा सकता है?
या
रोका भी जा सकता था?
क्यों नहीं रोका गया?
या
क्यों नहीं रोका जा रहा?
System, Code
And Conflict of Interest Politics?
और?
अजब गजब Bureaucracy?
बुरा सिस्टम?
बुरे लोग?
वो भला क्यों रोकेंगे?
उन्हें आम लोगों से क्या मतलब?
उनको फायदा हो रहा है?
बहुत नहीं है क्या?
भाड़ में जाएँ आम लोग?
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